स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की घोषणा से पेंशनभोगी क्षुब्ध, मुख्यमंत्री पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप,अक्टूबर के पहले सप्ताह से प्रदेश स्तरीय आंदोलन की दी चेतावनी
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर नें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुख्खू द्वारा आज स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर की गई घोषणा पर खेद प्रकट करते हुए कहा है कि उन्होंने 13/5/26 को सयुंक्त सघर्ष समिति को सचिवालय में हुई बैठक में आश्वाशन दिया था कि 1.1.2016 से 31.1.2022 के बीच सभी पेंशनरों को उनकी कुल बकाया राशि का 40%भुगतान 31/7/2026 से पहले पहले कर दिया जायेगा और मंहगाई भत्ते/राहत की एक या दो किश्तों की अदायगी भी कर दी जाएगी, पर आज मुख्यमंत्री ने केवल 15% और 30% अलग अलग एरियर इसी महीने की पेंशन के साथ देने की घोषणा की है जिसमें 15% क्लास वन और टू को जबकि 30% क्लास थ्री को देने की घोषणा की है जोकि आश्वाशन के विपरीत है और वादाखिलाफी भी है जिससे पेंशनरों में भारी रोष और निराशा बढ़ गई है। सुरेश ठाकुर नें यह भी कहा कि कर्मचारियों को मंहगाई भता और पेंशनरों को मंहगांई राहत न देकर कर्मचारियों और पेंशनरों में भारी रोष पनप रहा है और सरकार के खिलाफ और नाराजगी बढ़ गई है। अब पेंशनरों को अपने हक, हकूकों को लेने के लिए सरकार पर दवाव बनाने के लिए आंदोलन का रास्ता ही अपनाना पडेगा जिस बारे 8/8/26 को शाहपुर में पहले ही फैसला लिया जा चुका है । उन्होंने साफ किया कि अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह से सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू किया जायेगा। हम फिर भी सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद ही अपनी पूरी प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा एरियर के बारे में की गई आधी अधूरी घोषणा की कड़े शव्दो में निंदा करते हुए कहा कि ये घोषणा हमारे साथ 13/5/26 को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वाशन के खिलाफ है। अभी भी बक्त है कि सरकार कुल राशि की 40% क्लास वन, टू और क्लास थ्री पेंशनरों को बकाया राशि देने की अधिसूचना जारी कर दे और साथ में मंहगाई भता /राहत देने की भी अधिसूचना जारी कर दे ताकि पेंशनरों में बढ़ रहे गुस्से को शांत किया जा सके।
