शिमला के चौड़ा मैदान में अपनी मांगों को लेकर पेंशनभोगियों का हल्ला बोल, राज्य सरकार पर वादा खिलाफी और झूठे आश्वासन का लगाया आरोप
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त संघर्ष समिति ने अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में पेंशनरों की लंबित पड़ी मांगों को मनबाने के लिए आज सरकार के खिलाफ शिमला के चौड़ा मैदान में एक दिन का जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
सयुंक्त सघर्ष समिति नें प्रदेश की सरकार पर पेंशनरों की मांगों को पूरा न करने के और मुख्यमंत्री के ऊपर वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए हैं और सरकार की कड़े शव्दो में निंदा की है। प्रदेशध्यक्ष नें बताया की 28/11/25 को प्रदेश सयुंक्त सघर्ष समिति के आहवान पर एक बहुत बड़ा धरना प्रदर्शन और रैली प्रदेश सरकार के खिलाफ धर्मशाला जोरावार स्टेडियम में निकाली गई थी और मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में शिष्टमण्डल को बुलाकर आश्वासन दिया गया कि वह उन्हें बातचीत के लिए विधानसभा समाप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर बुलायेंगे पर सब कुछ झूठ, मुख्यमंत्री जी की कथनी और करनी में फर्क है। मुख्यमंत्री की न तो सकारात्मक सोच है और न ही सही दिशा जिसने प्रदेश को भारी वित्तीय संकट में पंहुचा दिया है। प्रदेश पर इस समय एक लाख दस हजार करोड़ से भी ज्यादा ऋण हो चुका है, जबकि केंद्र सरकार नें प्रदेश के लिए राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद कर दिया है। हाल ही में प्रमुख वित्त सचिव हिमाचल सरकार नें प्रदेश की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की है उसमें बताया गया है कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भता फ्रिज किया जायेगा, पेंशनरों की बकाया राशि (Pay Arrear) भी नहीं दिया जा सकता है, सहारा योजना, हिम केयर योजनाएं बंद करनी पड़ेगी और भी बहुत सारी कटौतीया का हवाला दिया है। पर माननीयों के बेतन भतों और पैंशन की कटौती और फ़िज़ूलखर्ची पर कोई भी सुझाब नहीं दिए है जिससे लगता है कि सरकार पेंशनर्स और कर्मचारी विरोधी है और साथ में जन विरोधी भी है। समिति नें स्पष्ट किया है कि राजस्व अनुदान घाटे के बंद होने का पेंशनरों की पैंशन और कर्मचारियों की सैलरी और बकाया राशि से कोई लेना देना नहीं है।
समिति नें सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के चेयरमैन ब मेंबर्स की पैंशन को प्रति माह 6 गुना तक बढ़ाने बारे, अथार्थ 8000/- रूपये और 7500/- रूपये क्रमशः से 48000/- रूपये और 45000/- रूपये क्रमशः महीने के बढ़ाने तथा 6% सालाना बेसिक पैंशन की बढ़ोतरी करने बारे, सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डो में बहुत सारे चेयरमैन, वाईस चेयरमैन और मेंबर्स की नियुक्तियां कर के और फिर उनमें से बहुत सारो को कैबिनेट रैंक से नवाजना, विधायकों, मंत्रियों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री की बेतन भतों में महीने में 40% की वृद्धि की अधिसूचना जारी करना, सलाहकारों,मुख्य सलाहकारों की फौज खड़ी करके अपनी मित्र मंडली को खुश करने के लिए काम किये हैं। अध्यक्ष सुरेश ठाकुर नें सरकार की कार्याप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में सरकार नें अपनी मित्र मंडली को ख़ुश करने के लिए और वित्तीय कुप्रबंधन की बजह से सरकारी खजाने पर भारी बोझ डाल कर प्रदेश को वित्तीय संकट में डाल रखा है जबकि पेंशनरों और कर्मचारियों की करोड़ों करोड़ों रूपये की देनदारियों से पला झाड़ कर उन्हें देने बारे आनाकानी कर रही है।
28/11/2025 को धर्मशाला जोरावार स्टेडियम में पेंशनर्स सयुंक्त सघर्ष समिति द्वारा हज़ारो की संख्या में पेंशनरों की मांगों को मनवाने बारे सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना और फिर विधानसभा धर्मशाला में मुख्यमंत्री द्वारा शिष्टमण्डल को विधानसभा में बुला कर बातचीत करने के बाद यह आश्वासन देना के शिष्टमण्डल को बातचीत के लिए विधानसभा सत्र के समाप्त होने के एक सप्ताह में बुलाया जायेगा और फिर मुख्यमंत्री द्वारा आज दिन तक शिष्टमण्डल को बातचीत के लिए न बुलाना और न ही पेंशनरों की मांगों को मानना के लिए समिति नें मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाया है कि बह पेंशनरों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं और पेंशनरों के वितीयों लाभों की देनदारियों को रोक कर अपनी सरकार चला रहे हैं जिसके लिए सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पेंशनर्स सयुंक्त सघर्ष समिति नें मुख्यमंत्री द्वारा वाधाखिलाफ़ी और पेंशनरों के साथ गंदी राजनीती करने के लिए भी कड़ा संज्ञान लिया है और कहा है कि अगर पेंशनरों की मांगों के विचार विमर्श करने के लिए शिष्टमण्डल को विधानसभा बजट सत्र के शुरू होने से पहले पहले नहीं बुलाया जाता है तो सयुंक्त सघर्ष समिति विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन और एक विशाल रैली निकाल कर उग्र प्रदर्शन करेगी। पेंशनर्स आंदोलन से भटकेंगे नहीं और अगला आंदोलन विधानसभा के बाहर शिमला में धर्मशाला से भी विशाल होगा। मुख्य माँगे :-
1.1.2016 से लेकर 31.1.2022 तक सेवानिवृत कर्मचारियों की ग्रटुइटी, लीव इनकाशमेंट, कम्युटेशन और संशोधित पैंशन की अदायगी, 13% मेहगाई भता, 146 महीने का मेहगाई भते का अर्रेंर, हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को प्रति माह पैंशन की अदायगी पहली तारीख को करना और उनकी पैंशन का स्थाई समाधान करना, संशोधित बेतनमान के वितय लाभों को देना, शहरी नगर निकायों के पेंशनरों को 1.1.2006 के बजाये 1.1.2016 के बेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर पैंशन देना, कारपोरेट सेक्टर के कर्मचारियों और फारेस्ट कारपोरेशन के कर्मचारियों को सरकार द्वारा जारी 1999 की अधिसूचना के आधार पर 2004 से पैंशन देने का फैसला लेना, और 1999 की अधिसूचना को फिर से लागू करना, विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को ओ. पी. एस. का लाभ देना और पेंशनरों की उनकी बकाया राशि का भुगतान करना, चिकत्सा बिल्लों के भुगतान के लिए तुरन्त 15 करोड़ रूपये की राशि जारी करना, पुलिस विभाग के पेंशनरों के बच्चों को पुलिस विभाग में नौकरी के लिए कोटा निर्धारित करना और भारतीय सेना से सेवानिवृत हुए कर्मचारियों की तरह कैंटीन की सुबिधा प्रदान करना, हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन को सरकार द्वारा किताबों की प्रिंटिंग और सप्लाई आदि के 75 करोड़ रूपये की अदायगी करना, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के पेंशनरों को महीने की पहली तारीख को पैंशन की अदायगी आदि करना आदि आदि।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त सघर्ष समिति के आहवान पर आज के धरने में सुरेश ठाकुर प्रदेश अध्यक्ष, इन्दर पॉल शर्मा महासचिव, भूप राम वर्मा अतिरिक्त महासचिव, ब्रिज लाल ठाकुर अध्यक्ष हिमाचल पथ परिवहन,देव राज शर्मा,प्रधान विद्युत परिषद,डी. ओएस. धतवालिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विद्युत वेलफेयर एसोसिएशन,चमन भाटिया प्रधान, पुलिस एसोसिएशन,शिव सिंह सेन,प्रधान शहरी नगर निकाय, रविंदर राणा,सयोजक जिला काँगड़ा, मनमोहन पठानिया प्रदेश प्रेस सचिव, सेठ राम प्रदेश कोषाध्यक्ष , चेत राम वर्मा, सयोजक जिला बिलासपुर हरमेश राणा, सयोंजक जिला ऊना,ओम लाल चौहान,सयोंजक जिला सिरमौर मोहन नेगी, सयोंजक जिला किन्नौर,मोहन ठाकुर, सयोंजक जिला शिमला,गंगा राम शर्मा,प्रदेश वारिष्ठ उपाध्यक्ष, विनोद सूद,महासचिव हितकारी सभा,सुरिंदर वर्मा,प्रधान, हितकारी सभा,पवन धीमान, सह सयोंजक, जिला काँगड़ा,मदन शर्मा,प्रधान, सचिवालय पेंशनर्स संघ,लाइक राम शर्मा,प्रदेश प्रेस सचिव, सैन राम नेगी, प्रदेश मीडिया प्रभारी, प्रभा चौहान, प्रदेश वारिष्ठ उपाध्यक्ष, महिला विंग, सुविधा वर्मा, वारिस्ट उपाध्यक्ष, आदि शामिल रहे।
जारी करता :-
सुरेश ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष, इन्दर पॉल शर्मा, महासचिव, भूप राम वर्मा, अतिरिक्त महासचिव, सैन राम नेगी, मीडिया प्रभारी।
