तेजतर्रार एसएसपी गौरव सिंह के नेतृत्व में शिमला पुलिस की चिट्टे तस्करों की कमर तोड़ने की एक और सफल कोशिश,चिट्टा तस्करी का मुख्य सरगना मनोज उर्फ मन्ना सहित अन्य आरोपी गिरफ्तार
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा समाज को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रिवेंटिव डिटेंशन में आरोपीयो को गिरफ्तार किया है। Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (PIT NDPS) अधिनियम के प्रावधानों के तहत अवैध नशा गतिविधियों में संलिप्त आरोपी
1) मनोज उर्फ मन्ना (पुत्र श्री रामानंद)
निवासी: ग्राम कार्याली, डाकघर मलूथी, तहसील एवं जिला शिमला।
आपराधिक इतिहास:
- FIR संख्या 131/2023, पुलिस थाना रामपुर
- FIR संख्या 30/2025, पुलिस थाना रामपुर
अन्वेषण एवं तकनीकी साक्ष्यों से यह स्थापित हुआ है कि मनोज उर्फ मन्ना संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है, जो पर्दे के पीछे से पूरे सिंडिकेट का संचालन करते हुए सह-अपराधियों को निर्देश एवं संसाधन उपलब्ध कराता रहा है।
(2) अंकित ठाकुर (पुत्र श्री सुरेंदर सिंह)
निवासी: ग्राम व डाकघर नीरथ, तहसील रामपुर, जिला शिमला।
आपराधिक इतिहास:
- FIR संख्या 30/2025, पुलिस थाना रामपुर, 47.74 ग्राम चिट्टा
- FIR संख्या 131/2023, पुलिस थाना रामपुर, 30.88 ग्राम चिट्टा
खुफिया सूचनाओं एवं अभिलेखों के अनुसार यह मादक पदार्थों के वितरण एवं बिक्री में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है तथा अपराध की पुनरावृत्ति की प्रवृत्ति दर्शाता है।
(3)आरोपी गोविन्द सिंह पुत्र श्री भगवान दास गांव बठारा डा० शाहधार तह० रामपुर जिला शिमला हि०प्र० व उम्र 30 वर्ष को निम्नलिखित मामलों में तीन बार गिरफ्तार किया गया है;
- पुलिस थाना कुमारसेन, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 22/2023 दिनांक 25.02.2023 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21, 29 के तहत उससे लगभग 06.30 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था;
ii. पुलिस थाना रामपुर, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 86/2024 दिनांक 20.07.2024 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21, 29 के तहत उससे लगभग 87.87 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था;
iii. पुलिस थाना रामपुर, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 19/2025 दिनांक 11.02.2025 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21, 29 के तहत उससे लगभग 06.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था:
(4)आरोपी लोकिंदर कंवर को निम्रलिखित मामलों में दो बार गिरफ्तार किया गया है;
ⅰ. पुलिस थाना कोटखाई, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 28/2022 दिनांक 20.04.2022 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 20, 21 & 29 के तहत उससे लगभग 52.75 ग्राम चरस/कैनाविस और 03.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा वरामद किया गया था:
ii. पुलिस थाना कोटखाई, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 47/2024 दिनांक 13.09.2024 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21, 29 के तहत उससे लगभग 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा वरामद किया गया था:
इस निवारक नजरबंदि का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों में शामिल होने से रोकना, समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिला पुलिस शिमला नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है और युवाओं की सुरक्षा तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।
शिमला के नवनियुक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने जब से कार्यभार संभाला है नशा तस्करी और नशाखोरों की खूब शामत आई है । नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए गौरव सिंह ने एक नया तरीका अपनाया है । ऐसे हर अपराधी को पड़कर पूरी छानबीन और जांच की जा रही है जो पूर्व में नशा तस्करी या नशाखोरी में शामिल रहा है और इसमें बहुत अधिक हद तक पुलिस कामयाब भी हुई है । यही वजह है कि जिला शिमला के नशेड़ियों और नशा तस्करों में खौफ साफ नजर आ रहा है । अगर पुलिस का भविष्य में भी यही अंदाज रहा तो यह कहना गलत ना होगा कि आने वाले समय में शिमला जिला में नशा खास तौर पर चिट्टा जैसी घातक बीमारी से यहां के लोगों को निजात मिल पाएगी ।
(4)आरोपी लोकिंदर कंवर को निम्रलिखित मामलों में दो बार गिरफ्तार किया गया है;
ⅰ. पुलिस थाना कोटखाई, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 28/2022 दिनांक 20.04.2022 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 20, 21 & 29 के तहत उससे लगभग 52.75 ग्राम चरस/कैनाविस और 03.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा वरामद किया गया था:
ii. पुलिस थाना कोटखाई, जिला शिमला, हि.प्र. में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 47/2024 दिनांक 13.09.2024 में स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 21, 29 के तहत उससे लगभग 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा वरामद किया गया था:
इस निवारक नजरबंदी का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों में शामिल होने से रोकना, समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना तथा सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिला पुलिस शिमला नशा तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है और युवाओं की सुरक्षा तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।
