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ज़िला ऊना के एक निजी स्कूल की बस दुर्घटना के बाद पैदा हुई भ्रम की स्थिति,आर्ट ऑफ लिविंग की प्रदेश इकाई ने सरकार,प्रशासन और शिक्षा मंत्री से किया हस्तक्षेप का आग्रह

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गत दिनों जिला ऊना की एक निजी स्कूल की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें 11 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे । इसके बाद अखबारों में छपी खबर में स्कूल के नाम को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई । स्कूल का नाम एस एस आर वी एम होने के कारण इसे श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर के नाम से प्रकाशित किया गया जो सरासर गलत है और इसका आर्ट ऑफ लिविंग या आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के साथ कोई सरोकार नहीं है । आर्ट ऑफ लिविंग की प्रदेश मीडिया प्रभारी तृप्ता शर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग का इस तरह का कोई भी स्कूल जिला ऊना में कार्यरत नहीं है । तृप्ता शर्मा ने बताया कि माननीय न्यायालय ने भी ऊना स्थित इस स्कूल के प्रबंधन को श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर का नाम बदलने के आदेश दिए थे ताकि किसी तरह की कोई भ्रम की स्थिति पैदा ना हो और किसी के नाम का दुरुपयोग ना हो सके। जैसा कि नाम से विदित हो रहा है कि इसमें आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के नाम का उपयोग किया जा रहा है कोर्ट के आदेश के बावजूद भी स्कूल प्रबंधन ने ना तो इस मामले में अपना कोई स्पष्टीकरण दिया है और ना ही स्कूल का नाम बदला गया है । इस भ्रम के चलते आर्ट ऑफ लिविंग की प्रदेश इकाई को इस दुर्घटना के बाद लगातार फोन आते रहे और इस दुर्घटना के बारे में जानकारी लेने का लोग प्रयास करते रहे जिससे संस्था के पदाधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है । तृप्ता शर्मा ने बताया कि ऊना में यह स्कूल ” श्री कृष्ण एजुकेशन सोसायटी ” जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 2028 ,दिनांक 09-11-2004 है,इसके सेक्रेटरी श्री सुमेश शर्मा के द्वारा चलाया जाता है।यह सोसायटी निहित स्वार्थ के कारण ” श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर ” का नाम गलत तरीके से प्रयोग कर रही थी।गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का नाम स्कूल के नाम में जोड़ने को लेकर कोर्ट के आदेश के बावजूद ,स्कूल ने ट्रेडमार्क संक्षेपाक्षर एस एस आर वी एम के नाम का प्रयोग करना जारी रखा।

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