राजधानी शिमला में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए वरिष्ट पुलिस अधीक्षक गौरव ने सभी थाना प्रभारियों को उतारा फील्ड में,पीक आवर्स में यातायात करेंगे नियंत्रित
राजधानी शिमला में बिगड़ती यातायात व्यवस्था स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए पिछले लंबे समय से बड़ी सिरदर्द बनी हुई है । इससे निजात दिलाने के लिए समय समय पर कई प्रयोग किए भी गए लेकिन कोई बड़ी सफलता आज तक नहीं मिल पाई है । अब हाल ही में ज़िला शिमला के वरिष्ट पुलिस अधीक्षक के तौर पर कार्यभार संभालने के बाद गौरव कुमार ने पहले नशाखोरों और नशा तस्करों पर गहरा आघात किया और उसमें काफी हद तक सफल भी हुए और अब इन्होंने जनता को शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने का बीड़ा उठाया है । इसके लिए गौरव ने सभी थाना प्रभारी (SHO) को निर्देश जारी किए हैं कि वे पीक आवर्स के दौरान यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए खुद ट्रैफिक संचालन की कमान संभालेगे। खास तौर पर सुबह के समय सभी लोग अपने दैनिक कार्यों, कार्यालय जाने तथा बच्चों के स्कूल जाने के लिए विभिन्न वाहनों का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों से लोगों के घर लौटने के दौरान सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

विभिन्न बाधा बिंदुओं (बॉटलनेक्स) पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की चुनौती को देखते हुए शिमला शहर के सभी SHO प्रतिदिन सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तथा दोपहर बाद 04:30 बजे से 06:00 बजे तक व्यक्तिगत रूप से यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
वे सुबह और शाम की व्यस्त अवधि के दौरान शिमला ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित कर रहे है तथा जाम की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर रहे हैं जिससे सुगम ट्रैफिक संचालन मजबूत हो रहा है।
वरिष्ट पुलिस अधीक्षक गौरव का कहना है कि पुलिस शिमला का प्राथमिक लक्ष्य शिमला के प्रत्येक निवासी और आगंतुक को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यातायात अनुभव प्रदान करना है। पीक आवर्स में पुलिस की बढ़ी हुई उपस्थिति से शहर के सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया गया है । उन्होंने सभी नागरिकों के सहयोग के लिए शिमला पुलिस की ओर से आभार व्यक्त किया है और भविष्य में भी इसी तरह सहयोग जारी रखने की आशा जताई है ।
