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ज़िला शिमला पुलिस ने बीते 7 महीने में नशा तस्करों पर कसा ज़बरदस्त शिकंजा, विभिन्न राज्यों से 60 मुख्य सप्लायर किए गिरफ्तार और 46 अंतर्राज्यीय नशा तस्कर नेटवर्क किए ध्वस्त

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जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से दो अलग-अलग मामलों में मुख्य सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया है, जिससे अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है।

अभियोग संख्या 87/2026 दिनांक 15.07.2026 को धारा 21 एवं 29, NDPS Act पुलिस थाना सदर शिमला

दिनांक 15.07.2026 को स्पेशल सेल शिमला की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शिमला शहर स्थित एक होटल में दबिश देकर सागर सिंह पुत्र श्री डिम्पल सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब); आकाश पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार, उम्र 18 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब); तथा अंकित कुमार पुत्र स्वर्गीय श्री राकेश कुमार, उम्र 23 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के संयुक्त कब्जे से लगभग 21 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। इस संबंध में पुलिस थाना सदर शिमला में अभियोग संख्या 87/2026 दिनांक 15.07.2026 को धारा 21 एवं 29, NDPS Act के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर अन्वेषण प्रारम्भ किया गया।

पुलिस हिरासत रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ, मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) तथा डिजिटल वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि बरामद हेरोइन/चिट्टा पंजाब के लुधियाना निवासी साहिल शर्मा पुत्र श्री जीवन कुमार, उम्र लगभग 26 वर्ष, निवासी लुधियाना (पंजाब) से खरीदी गई थी।

जांच में पाया गया कि आरोपी आकाश मुख्य सप्लायर साहिल के साथ लगातार मोबाइल संपर्क में था। तकनीकी विश्लेषण के दौरान यह स्थापित हुआ कि दिनांक 07.07.2026 को आरोपी आकाश द्वारा साहिल के बैंक खाते में ₹3,000/- ऑनलाइन भेजे गए थे, जबकि शेष राशि नकद दी जानी थी। इसके अतिरिक्त, मोबाइल के माध्यम से दोनों के बीच हेरोइन/चिट्टा की खरीद-फरोख्त संबंधी बातचीत होना मोबाइल डेटा से प्रमाणित हुआ तथा इस संबंध में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी आरोपी आकाश के मोबाइल फोन से बरामद हुई, जो मामले में महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य है।

इन साक्ष्यों के आधार पर मामले का बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए पुलिस थाना सदर शिमला की टीम को लुधियाना (पंजाब) भेजा गया। दिनांक 18.07.2026 को मुख्य सप्लायर साहिल शर्मा को उसके लुधियाना स्थित निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया।

अन्वेषण के दौरान आरोपी साहिल का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध पूर्व में एफआईआर संख्या 68/2023, पुलिस थाना डिवीजन नं. 2, लुधियाना में धारा 379, 34 एवं 411 IPC के तहत चोरी, का मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त एफआईआर संख्या 117/2025, पुलिस थाना सदर खन्ना, लुधियाना में धारा 304, 351(2), 317(2), 341(2) एवं 238 BNS के तहत स्नैचिंग, आपराधिक धमकी से संबंधित मामला भी पंजीकृत है।

अभियोग संख्या 68/2026 दिनांक 20.07.2026 के तहत धारा 21 एवं 29, NDPS Act पुलिस थाना चिरगाँव

दिनांक 20.07.2026 को पुलिस थाना चिड़गांव की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गश्त एवं नाकाबंदी के दौरान मनिन्दर सिंह पुत्र श्री लक्ष्मण सिंह, उम्र 23 वर्ष, निवासी अमृतसर (पंजाब) की तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस थाना चिड़गांव में एफआईआर संख्या 68/2026 दिनांक 20.07.2026 के तहत धारा 21 एवं 29, NDPS Act में मामला दर्ज कर अन्वेषण प्रारम्भ किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने बरामद हेरोइन अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम अमृतसर (पंजाब) रवाना हुई।

विवेचना के दौरान आरोपी मनिन्दर सिंह ने अमृतसर के मेराकोट रोड स्थित उस स्थान की निशानदेही करवाई, जहाँ से उसने दिनांक 19.07.2026 को हेरोइन खरीदी थी। जहाँ पर मौजूद एक व्यक्ति की पहचान सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल पुत्र श्री कुलदीप सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब) के रूप में की, जिससे उसने हेरोइन खरीदी थी। तलाशी के दौरान सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल के कब्जे से एक OPPO मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें वही मोबाइल नम्बर सक्रिय पाया गया जिसे आरोपी मनिन्दर सिंह ने अपने सप्लायर का नम्बर बताया था तथा जिसकी पुष्टि उसकी Call Detail Record (CDR) से भी हुई।

उपलब्ध साक्ष्यों एवं तकनीकी प्रमाणों के आधार पर मुख्य सप्लायर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को धारा 29, NDPS Act के अंतर्गत विधिवत गिरफ्तार किया गया।

वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध बैकवर्ड लिंकेज पर की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में सर्वाधिक रही है। वर्ष 2026 में अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल सहित विभिन्न राज्यों से 60 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए हैं तथा 46 अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसके विपरीत वर्ष 2025 की इसी अवधि में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तथा वर्ष 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जिला पुलिस शिमला का फोकस अब केवल गिरफ्तारियों तक सीमित न रहकर, नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनके मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने पर केंद्रित है।

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