नहीं रहा माल रोड का हरदिल अज़ीज़ हँसमुख चेहरा नीलू भाई, शिमला से बैजनाथ की ओर अपने परिवार के साथ जाते समय दाड़लाघाट के समीप सड़क हादसे में हुए हादसे का शिकार
नहीं रहे शिमला के माल रोड के नेशनल बुक डिपो के मालिक अनिल बख्शी उर्फ नीलू भाई ।हर कोई लोग माल रोड के इस हंसमुख चेहरे को नीलू भाई के नाम से जानता था और इस पूरे क्षेत्र में यह हर किसी के दुख सुख में हमेशा खड़े रहते थे । एक समय था जब लोगों और खास तौर पर बच्चों और युवाओं में किताबों की तरफ बहुत बड़ा रुझान रहता था तब माल रोड की नेशनल बुक डिपो की एक बहुत बड़ी दुकान हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहती थी । स्कूल से आने वाले बच्चे यहां बाहर शैल्फ में लगी किताबों को खासकर कॉमिक्स को पढ़ने के लिए काफी देर तक पन्नों को पलटते रहते थे और नीलू भाई उन बच्चों को बीच-बीच में फटकार भी लगाते थे कि तुम्हारा स्कूल का समय हो गया है या घर के लिए देर हो रही है । कितनी भी दिक्कत आती नीलू भाई के माथे पर कभी शिकन नज़र नहीं आती थी उनसे छोटे और यहां तक कि उम्र में बड़े भी उनसे हर कभी किसी भी मामले में सलाह लेने के लिए उनके पास आते थे और वह हमेशा सभी को सही राह दिखाते थे लेकिन आज बरसात ने उस हंसमुख चेहरे को हमेशा के लिए लील लिया। मूल रूप से बैजनाथ के रहने वाले अनिल बख्शी शिमला में केएनएच के समीप रहते थे और वह अपने परिवार के साथ आज अपने गांव की ओर जा रहे थे । शिमला-धर्मशाला नेशनल हाइवे पर दाड़लाघाट क्षेत्र के तहत भराड़ीघाट के दसेरन में चलती कार पर पहाड़ी से चट्टान गिर गई।
कि अचानक रास्ते में एक बड़ी चट्टान उनकी गाड़ी से जा टकराई जिसमें गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और गाड़ी चला रहे हैं अनिल बख्शी उर्फ नीलू की मौके पर ही मौत हो गई । इस दर्दनाक हादसे में उनकी पत्नी को गंभीर चोटें हैं जबकि उनका बेटा भी इस हादसे में घायल हुआ है दोनों घायलों का शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है
