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प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल से की भेंट, राज्य की गम्भीर वित्तीय परिस्थिति के मद्देनजर पेंशन भोगियों की दिक्कतों से निजात दिलाने का किया आग्रह ,ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार को घेरा

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हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में आज एक शिषटमणडल ने समिति के अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा की अध्यक्षता में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से लोक भवन शिमला में मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौपा!
शिषटमंडल ने राज्यपाल के समक्ष हिमाचल प्रदेश में गंभीर वित्तीय अस्थिरता,पेंशन अधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन एवं संवैधानिक तंत्र के विघटन के परिप्रेक्ष्य में भारत के संविधान के अनुच्छेद 360 एवं 356 के अंतर्गत हस्तक्षेप हेतु संवैधानिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया!


भूपराम वर्मा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश पेंशन भोगियों के 18 विभिन्न विभागों,बोर्ड, निगमो और संघो के पेंशनभोगी एवं पारिवारिक पेंशनभोगी पिछले काफी समय से हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ छठे वेतन आयोग की देनदारियों के बारे में प्रदेश के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में 14 सूत्रीय मांग पत्र के माध्यम से पिछले काफी समय से अपनी न्याय उचित मांगों के विषय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु से कई बार मिल चुके हैं और अभी तक झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ भी प्राप्त नहीं हो पाया है! मुख्य मांगों में 01.01 2016 से 31.01.2022 तक वेतन संशोधन एरिया का भुगतान अभी तक लंबित है! डीए / डीआर/ एरियर भी रुके पड़े हैं ग्रेच्युटी, काॅम्यूटेशन,लीव एनकैशमेंट और चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावे पिछले तीन वर्षों से लगातार लंबित पड़े हुए हैं! 13% डीए की किशत देय है!
गंभीर रोगों से पीड़ित अनेक पेंशनरो को अपनी पेंशन से ही उपचार पर वहन करना पड़ रहा है और उनके लाखों रुपए के मामले लंबित पड़े हुए हैं और लगभग 500- 600 पेंशनर्स स्वर्ग भी सुधार गए हैं!
हिमाचल प्रदेश सरकार अभी तक छठे वेतन आयोग की देनदारियां ही नहीं दे पा रही है तो आठवें वेतन आयोग की देनदारियां कैसे दे पाएगी, यह बड़ा प्रश्न चिन्ह है!
भूपराम वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के काफी पेंशनभोगी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में भी गए है और कोर्ट से उनके हक मे फैसला आने के बाद भी सरकार अपील में गई है ताकि पेंशनर्स के वित्तीय लाभ रोके जा सके!
उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के वित सचिव ने बीते 8 फ़रवरी को प्रदेश के मंत्रिमंडल के सामने एक प्रस्तुति दी है जिसमें उन्होंने राज्य की गंभीर वित्तीय स्थिति को औपचारिक स्वीकारा है उसके अनुसार महंगाई भत्ता/ महंगाई राहत को स्थगित करने तथा ग्रेच्युटी और अवकाश नगदी करण जैसे वैधानिक लाभो को रोकने के प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि राज्य अपनी अर्जित देनदारीयो का निर्वाह करने में असमर्थ है!
वर्मा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को लिखित रूप से 14 सूत्री मांग पत्र 16.9.2025 को प्रस्तुत किया गया था और उसके बाद 4. 10.2025, 12.11. 2025 और 11.02.2026 को स्मरण पत्र भी भेजे गए थे परंतु माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सुख ने 28. 11.2025 को विधानसभा के दौरान धर्मशाला में आश्वासन दिया था कि संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक 10 दिनों में शिमला में बुलाई जाएगी परंतु मुख्यमंत्री ने वादा खिलाफी की और एक स्वयंभू नेता को आगे कर पेंशनर्स दिवस के अवसर पर घुमारवी में सम्मेलन बुलाया और वहां भी घोषणा की हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों के चिकित्सा बिलों के लाखों रुपए की बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा परंतु आज 3 महीने का समय बीत चुका है परंतु चिकित्सा बिलों के लाखों रुपए के केसेस अभी भी पेंडिंग पड़े हुए हैं जो एक बड़ा चिंता का विषय है!
सरकार फिजूल खर्ची कम नहीं कर रही है और मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्तों में वृद्धि की जा रही है! बोर्डो, निगमों एवं सलाहकार पदों पर राजनीतिक नियुक्तियां जारी है वाहानों, स्टाफ और अन्य सुविधाओं पर व्यय निरंतर जारी है!
शिष्ट मंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इन सभी तथ्यों को मद्देनजर राज्य सरकार से वित्तीय स्थिति प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए!
देश की राष्ट्रपति को राज्य की वित्तीय अस्थिरता संबंधी विस्तृत प्रतिवेदन प्रेषित की जाए यदि संवैधानिक मानदंड संतुष्ट हो तो अनुच्छेद 360 के अंतर्गत वित्तीय आपातकाल की अनुशंसा की जाए यदि यह पाया जाए कि शासन संबंधी संविधान के अनुसार संचालित नहीं हो रहा है तो अनुच्छेद 356 के अंतर्गत आवश्यक संवैधानिक कदमों पर विचार किया जाए लंबित पेंशन देनदारीयों के जल्द भुगतान हेतु निर्देश जारी किए जाएँ ! उन्होंने कहा कि यह प्रतिवेदन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं है बल्कि संवैधानिक नैतिकता, वित्तीय, उतरदायित्व एवं वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा की रक्षा हेतु प्रस्तुत किया गया है!
शिषटमणडल मे बृजलाल ठाकुर, अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश परिवहन सेवानिवृत कर्मचारी कल्याण संघ,देवीलाल ठाकुर, अध्यक्ष,कॉरपोरेट सेक्टर हिमाचल प्रदेश, मदन लाल शर्मा,अध्यक्ष,हिमाचल प्रदेश सचिवालय सचिवालय कल्याण संघ, गंगाराम शर्मा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन इस अवसर पर मौजूद रहे!

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