प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त सघर्ष समिति ने प्रदेश के 2026-27 के बजट को बताया दिशाहीन व विकासहीन, सरकार पर लगाया दोहरे मापदंड के आरोप
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स सयुंक्त सघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री द्वारा पेश किये गए 2026-27 के बजट को दिशाहीन, विकासहीन और पेंशनर्स विरोधी बताया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट में 4000/- करोड़ रूपये की कटौती की गई है जोकि सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन का सीधा प्रमाण है। एक बार फिर से चौथे वर्ष के बजट में 1.1.2016 से लेकर 31.1.2022 के बीच सेवानिवृत कर्मचारियों की करोड़ों रूपये की देनदारियों को देने के लिए मुख्यमंत्री नें कोई भी जिक्र तक नहीं किया गया है और न ही धनराशि का प्रावधान किया गया है। इन पेंशन भोगियों को संशोधित ग्रैचुटी, कम्युटेशन व छुट्टी नगदीकरण न देकर सरकार उनकी मांग को जानबूझ कर अनसुना करके उनके साथ घोर अन्याय कर रही है। जबकि जनवरी 2022 के बाद वालों को छठे वेतनमान के संशोधित वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार के इस दोहरे चरित्र और मापदंड पर सवाल उठाए है। समिति ने सरकार की पिछले कल पेश किये गए बजट में पेंशनरों और कर्मचारियों के 13% मंहगाई भते न देने बारे, और 44 महीने का मंहगाई भते की बकाया राशि को न देने बारे, लंबित पड़े चिकत्सा बिलों के भुगतान के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किये जाने के फैसले की कड़े शव्दो में निंदा की है। केवल 2016 से लेकर जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को उनकी बकाया राशि देने का जिक्र दोहराया गया है वो कब देय होगा कोई पता नहीं है। सयुंक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इन्दर पाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा और मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी नें जारी बयान में कहा है कि समिति के 18 संगठनों के नेताओं ब्रिज लाल ठाकुर, बलराम पुरी, हिमाचल पथ परिवहन, डी. एस. धतवालिया, एच.पी. एस.ई.बी. पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, देव राज शर्मा, विद्युत परिषद, शिव सिंह सेन, शहरी नगर निकाय, चमन लाल भाटिया, मनोज वालिया,पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन, हिमत राम शर्मा, टी. डी. ठाकुर, हिमाचल पेंशनर्स फेडरेशन, ब्राह्मनंद, भारतीय राज्य पेंशनर्स संघ, विनोद सूद, हितकारी सभा, हरमेश राणा जिला सयोंजक ऊना, चेत राम वर्मा, जिला सयोंजक विलासपुर, रविंदर राणा जिला सयोंजक काँगड़ा, ओम लाल चौहान जिला सयोंजक सिरमौर, डॉ.डी. के. सोनी, सुरिंदर गुप्ता जिला सयोंजक चम्बा, सुरिंदर ठाकुर जिला सयोंजक सोलन, देवी लाल ठाकुर, कारपोरेट सेक्टर, जसवंत धीमान, हिमाचल गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन, मोहन ठाकुर, जिला सयोंजक शिमला, मनोहर ठाकुर, जिला सयोजक हमीरपुर और मोहन नेगी जिला सयोंजक किन्नौर से आज बातचीत करने के बाद समिति द्वारा 5/3/26 को सुंदरनगर में प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में लिए गए फैसले को पूरा करने के लिए 30/03/26 को राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन शिमला में करने का फैसला लिया है। ब्यान में कहा गया है कि पेंशनरों की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार नें बजट का प्राबधान नहीं किया रखा है इसलिए आंदोलन ही अब केवल रास्ता है और पेंशनरों के साथ हो रहे अन्याय को अब सहन नहीं करेंगें। मुख्यमंत्री का तानाशाही रावेईया पेंशनर्स अब वरदाश्त नहीं करेंगें। क्योंकि 28/11/25 को विधानसभा धर्मशाला में समिति के शिष्टमण्डल को सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नें बुलाया था और उसमें आश्वाशन दिया गया था कि शिष्टमण्डल को विधानसभा के समाप्त होने के एक सप्ताह में बुलाया जायेगा पर उन्हें आजतक बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
हिमाचल पथ परिवहन के पेंशनरों को 70 साल पूरा करने के बाद बालों को अर्रेंर, मेहगाई भते की 3% की किशत और संशोधित वेतनमान का 50,000/- रूपये की पहली किशत की अदायगी तुरन्त की जाए , विजली बोर्ड में ओ. पी. एस. की बहाली की जाए, शहरी नगर निकाय के पेंशनरों को 1.1.2016 संशोधित बेतनमान के आधार पर पैंशन देना, 1.1.2016 से लेकर 31.01.22 तक सेवानिवृत कर्मचारियों को संशोधित वितय लाभ की अदायगी, 13% मेहगाई भता और 44 महीने का अर्रेंर, मेडिकल बिल्लों के भुगतान के लिए स्पेशल बजट का प्राबधान करना।
30/03/26 को शिमला में पेंशनरों का धरना प्रदर्शन हर हाल में होगा जिसकी त्यारी की जा रही है।
सुरेश ठाकुर, इन्दर पॉल शर्मा, भूप राम वर्मा, सैन राम नेगी।
