प्रान्त अध्यक्ष विनोद सूद की अगुवाई में शिक्षा मंत्री से मिला हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, 40 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने का किया आग्रह
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से भेंट कर प्रदेश के शिक्षकों एवं शिक्षा व्यवस्था से जुड़े 40 सूत्रीय मांग-पत्र को सरकार के समक्ष रखा। महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद एवं महामंत्री नरेश शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा शिक्षकों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से प्रदेश के विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक, प्रवक्ता, टीजीटी और जेबीटी सहित अन्य शिक्षकों के पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई। इसके साथ ही डाइट संस्थानों में रिक्त डीपीओ तथा जिला उप शिक्षा निदेशालयों में उप निदेशक के पदों को नियमित आधार पर भरने का आग्रह किया गया।
महासंघ ने वेतन विसंगतियों को दूर करने, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ शिक्षकों के वेतन में उत्पन्न अंतर को समाप्त करने, लंबित डीए की किस्तों एवं बकाया राशि का भुगतान करने तथा नए वेतनमान से संबंधित लंबित भत्तों को जारी करने की मांग की। लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत शिक्षकों को विशेष वेतन लाभ देने तथा दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले शिक्षकों के लिए विशेष वेतन वृद्धि का भी आग्रह किया गया। चिकित्सा सुविधा को कैशलेस करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
महासंघ ने नई कॉम्प्लेक्स नीति में सीएटी, बीईओ, जेबीटी, एचटी, सी एंड वी, टीजीटी, प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य सहित विभिन्न पदों की भूमिका, अधिकार एवं जिम्मेदारियां स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही अप्रैल 2010 से पहले नियुक्त प्रारंभिक शिक्षकों को टैट की अनिवार्यता से राहत देने, एसीआर की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों एवं बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी शिक्षकों की आउटसोर्स भर्ती पर रोक, कंप्यूटर शिक्षकों, एसएमसी प्रवक्ताओं एवं समग्र शिक्षा के आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण, विद्या उपासकों के वर्ष 2000 से 2007 तक के सात इन्क्रीमेंट, डीपीई शिक्षकों को फिजिकल एजुकेशन प्रवक्ता का पदनाम एवं समान वेतन तथा टीजीटी हिंदी एवं संस्कृत को टीजीटी के समान वेतन देने की मांग भी उठाई।
छात्रों से संबंधित मुद्दों में 9वीं एवं 11वीं कक्षाओं के पंजीकरण में आपार आईडी की अनिवार्यता से प्रवासी बच्चों को होने वाली परेशानी को देखते हुए राहत, इन कक्षाओं के प्रश्नपत्रों को भी बोर्ड कक्षाओं की तर्ज पर ड्रॉइंग सेंटर से उपलब्ध करवाने, विद्यालयों में वर्दी की एकरूपता तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों को मल्टीटास्क वर्कर के माध्यम से भरने की मांग शामिल है।
महासंघ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मोटिवेशन कार्यशालाएं आयोजित करने सहित अन्य मांगों को भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा।
महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने कहा कि शिक्षक अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर सरकार से आस लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि महासंघ को उम्मीद है कि सरकार 40 सूत्रीय मांग-पत्र पर सकारात्मक संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देगी, जिससे प्रदेश के शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विनोद सूद सहित प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री भीष्म सिंह, प्रदेश पर्यावरण प्रमुख जयशंकर ठाकुर, जिला मंत्री जिला शिमला सुमन शर्मा मौजूद रहे
