राजधानी शिमला के सभी वासियों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए SUEZ और SJPNL ने जल जनित रोगों से बचाव के लिए एडवाइजरी की जारी,पानी उबालकर पीने की दी सलाह
मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सुएज (SUEZ) और शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (SJPNL) ने शहरवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त स्वास्थ्य सलाह (Health Advisory) जारी की है। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य बरसात के दिनों में जल जनित (water-borne) बीमारियों के प्रसार को रोकना और लोगों को पेयजल स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
जारी परामर्श के अनुसार, मानसून के दौरान जल स्रोतों में गंदलापन और संदूषण (contamination) की संभावना बढ़ जाती है, जिससे हैजा, टाइफाइड, पीलिया (हेपेटाइटिस) और दस्त (डायरिया) जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। इससे बचाव के लिए प्रशासन और जल कंपनियों ने नागरिकों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
- उबला हुआ पानी पीएं: पीने के पानी को कम से कम 5 से 10 मिनट तक अच्छी तरह उबालकर ही प्रयोग करें।
- पानी की टंकियों की सफाई: घरों और व्यावसायिक संस्थानों में पेयजल टंकियों की नियमित रूप से सफाई एवं क्लोरीनीकरण (chlorination) सुनिश्चित करें।
- भोजन एवं हाथ की स्वच्छता: खाना खाने से पहले और भोजन बनाते समय हाथों को साबुन व पानी से अच्छी तरह धोएं। बाहर के खुले, बासी या कटे हुए फल एवं खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- भंडारण का ध्यान रखें: पीने के पानी को हमेशा साफ और ढके हुए बर्तनों में ही संग्रहीत करें।
SJPNL और SUEZ ने स्पष्ट किया है कि वे शिमला शहर में आपूर्ति किए जा रहे पानी के गुणवत्ता परीक्षण और क्लोरीनीकरण की प्रक्रिया पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। साथ ही, नागरिकों से किसी भी प्रकार के जल जनित लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
