शिमला में 24×7 पेयजल योजना: पाइपलाइन बिछाने के बाद स्वेज’ (SUEZ) और ‘एसजेपीएनएल’ (SJPNL) की ओर से क्षतिग्रस्त रास्तों और सीढ़ियों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी
शिमला शहर को 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘स्वेज’ (SUEZ) और ‘एसजेपीएनएल’ (SJPNL) की टीम लगातार प्रयासरत है। शहर के विभिन्न वार्डों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष क्षेत्रों में काम तेजी से चल रहा है। पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया के दौरान क्षतिग्रस्त हुए रास्तों और सीढ़ियों की मरम्मत व पुनर्बहाली का कार्य भी अब युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
बरसात में राहत के लिए कंक्रीट से बनाए जा रहे रास्ते
कंपनी प्रबंधन के अनुसार, पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिन रास्तों और सीढ़ियों की टाइलें उखड़ गई थीं, उन्हें स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए फिलहाल कंक्रीट (सीमेंट) से दुरुस्त किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बरसात के मौसम में स्थानीय निवासियों को आवाजाही में आ रही दिक्कतों को दूर करना है।






पूर्व की भांति लगेंगी टाइलें
स्वेज कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानों पर पहले टाइलें लगी हुई थीं, वहां चरणबद्ध तरीके से दोबारा नई टाइलें स्थापित कर दी जाएंगी। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य में थोड़ी व्यावहारिक चुनौतियां आ रही हैं, लेकिन कंक्रीट के जरिए रास्तों को तुरंत चलने योग्य बनाया जा रहा है।
ठेकेदारों को सख्त निर्देश, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
कंपनी ने मरम्मत कार्य में लगे सभी ठेकेदारों को किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रबंधन का कहना है कि:
“काम में उच्च मानकों और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि यही हमारी सफलता, सुरक्षा और जन-भरोसे का मुख्य आधार है।”
कंपनी ने मांगी शिमलावासियों से सहयोग की अपील
स्वेज प्रबंधन ने पाइपलाइन खोदाई और मरम्मत कार्य के दौरान शिमला की जनता से सहयोग की अपील की है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि लोगों को आ रही हर समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा और जल्द ही सभी क्षतिग्रस्त रास्तों को पूरी तरह पूर्व स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा।
