सेंट्रल मॉडल जेल कंडा में आर्ट ऑफ लिविंग का चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम संपन्न, बंदियों ने महसूस किया ग़ज़ब का बदलाव
अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं सामाजिक संस्था आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा, शिमला में चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 30 बंदी भाइयों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने चार दिनों तक मौन साधना का पालन किया।
प्रशिक्षण का संचालन तृप्ता शर्मा ने किया। उन्होंने बंदी भाइयों को ध्यान, प्राणायाम एवं एडवांस मेडिटेशन का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में उषा शर्मा तथा आशीष आचार्य ने सहायक प्रशिक्षक के रूप में सहयोग दिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को विभिन्न योग मुद्राएँ, ज्ञान मुद्राएँ, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियाँ सिखाई गईं। बंदी भाइयों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें मानसिक शांति, सकारात्मकता एवं आंतरिक संतुलन का अनुभव हुआ। कोर्स खत्म होने के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए एक बंदी भाई ने बताया कि जेल आने के बाद से उसे कई महीनों से नींद नहीं आती थी और वह लंबे समय से नशे का आदी था। कोर्स करने के बाद उसकी नींद में सुधार हुआ और स्वास्थ्य में भी सकारात्मक परिवर्तन महसूस हुआ। एक अन्य बंदी ने बताया कि नियमित साधना एवं ध्यान के अभ्यास से उसकी स्वास्थ्य स्थिति में स्थिरता आई है।




कार्यक्रम के समापन अवसर पर आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा, शिमला के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट अनिल कंवर ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कोर्स के समापन अवसर पर कारागार में बेंगलुरु आश्रम से खास तौर पर हिमाचल पहुंचे स्वामी गुरुकृपानन्द जी और वेद पंडित निशांत और अरुण ने वैदिक परम्परा व मंत्रोचारण के साथ रुद्राभिषेक किया । इस मौके पर सत्संग का आयोजन भी किया गया । जिसमें आर्ट ऑफ लिविंग के सदस्यों, जेल स्टाफ और कारागार के बंदी भाइयों ने खूबसूरत भजन गाकर माहौल को भक्तिमयी बना दिया । भजन संध्या का कारागार स्टाफ और बंदियों ने खूब लुत्फ उठाया ।
