लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बताया हिमाचल की ऐतिहासिक जीत, कानूनी लड़ाई शुरू करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को दिया श्रेय
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को राज्य के अधिकारों की बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों से चले आ रहे इस कानूनी संघर्ष के निर्णायक परिणाम से प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 400 से 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा ।
वीरभद्र सिंह ने की थी कानूनी लड़ाई की शुरुआत विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि इस ऐतिहासिक संघर्ष की नींव वर्ष 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में रखी गई थी। तब कांग्रेस सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत बीबीएमबी परियोजनाओं में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के हक के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। वर्ष 2011 में न्यायालय ने अधिकार स्वीकारे थे, लेकिन बकाया लाभों का विषय लंबित था। अब वर्तमान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कार्यकाल में प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से इस पर अंतिम सफलता प्राप्त हुई है।
हर साल मिलेगी 60 करोड़ यूनिट बिजली फैसले के अनुसार हिमाचल प्रदेश को 20 वर्षों की अवधि में प्रति वर्ष 60 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी। लोक निर्माण मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के 75 लाख नागरिकों को बधाई दी और कहा कि विस्थापित परिवारों के लंबित अधिकारों तथा चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी जैसे अंतरराज्यीय मुद्दों को भी सरकार कानूनी व प्रभावी तरीके से उठाएगी।
सड़क अवसंरचना और PMGSY-4 पर बड़ा अपडेट लोक निर्माण विभाग की प्रगति की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया:
- सड़क निर्माण का लक्ष्य: राज्य में 800 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 50 से 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
- PMGSY चरण-4: योजना के तहत प्रदेश को लगभग 3,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है, जिससे 1,700 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा। इसके लिए मार्च 2027 में निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
- विकास पर खर्च: पिछले चार वर्षों में लोक निर्माण और शहरी विकास विभाग के माध्यम से लगभग 10,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बर्फबारी से प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों (जैसे रामपुर, आनी, कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्र और भरमौर) में निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, सड़कों के निर्माण में बिटुमेन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के समक्ष मामला मजबूती से उठाया गया है।
