शिमला पुलिस ने ऐक बार फिर दिखाया मानवीय दृष्टिकोण का पहलू, कोटखाई से लापता दो नाबालिग शिमला पुलिस ने कण्डाघाट से किए सकुशल बरामद, परिजनों को सौंपा
जिला शिमला के पुलिस थाना कोटखाई के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र से लापता हुए दो नाबालिग बच्चों को पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कण्डाघाट से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के बल पर चंद घंटों में बच्चों को ढूंढकर उनके माता-पिता के हवाले कर दिया।
मेले में जाने के बहाने निकले थे घर से
मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह कोटखाई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई कि दो नाबालिग बच्चे स्थानीय मेले में जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटे। बच्चों के घर न लौटने से परेशान परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
सीसीटीवी और फोन ट्रैकिंग से मिली कामयाबी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोटखाई पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। इसके साथ ही आसपास की सभी पुलिस इकाइयों को भी अलर्ट किया गया। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस ने:
- स्थानीय क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
- फोन डाटा का तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) किया।
कड़ी मशक्कत और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस टीमों ने दोनों बच्चों की लोकेशन कण्डाघाट क्षेत्र में ट्रैक की और उन्हें वहां से सुरक्षित दस्तयाब (बरामद) कर लिया।
घूमने के इरादे से निकले थे बच्चे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों नाबालिग बच्चे बिना किसी को बताए सिर्फ घूमने के उद्देश्य से घर से निकल गए थे। पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया है। अपने बच्चों को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों ने शिमला पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया है।

शिमला के वरिष्ट पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि”शिमला पुलिस बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी टीम ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की और बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला। उन्होंने आम जनता से अपील की कि ऐसी किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।”
