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प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त करने सम्बन्धी फैसले का किया कड़ा विरोध,दोनों विकल्प रखने की सरकार से उठाई मांग

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प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने वित्त विभाग द्वारा पेंशनर्स का जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन किये जाने का सख्त विरोध किया है । अपने संयुक्त वक्तब्य में प्रदेशाअध्यक्ष सुरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष बृज लाल ठाकुर, गंगा राम शर्मा, महासचिव इन्दर पाल शर्मा, अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा, प्रेस सचिव लायक राम शर्मा, मीडिया प्रभारी सैन राम नेगी, ज़िला शिमला के संयोजक मोहन ठाकुर ने कहा की इस अधिसूचना से हजारों पेंशनर्स को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा । पेंशनर्स नेताओं ने कहा की ज्यादा बेहतर होता दोनों विकल्पों को जारी रखा जाता । उम्र के इस पड़ाव में पेंशनर्स को ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए दर दर की ठोकरे खानी पड़ेगी । इन में अधिक उम्र के पेंशनर्स जिन्हें चलने फिरने में भी भारी दिकतों का सामना करना पड़ता है उनके प्रति सरकार का यह निर्णय बहुत ही गलत है । सुरेश ठाकुर व इन्दर पाल शर्मा ने सरकार से आग्रह किया की इस अधिसूचना को तुरंत निरस्त किया जाये तथा दोनों ऑप्शन को जारी रखा जाये!पेंशनर्स नेताओं ने हैरानी जताई कि इस अधिसूचना में सिर्फ उन्हीं पेंशनर्स को छूट दी गई है जो हॉस्पिटल में उपचाराधीन होंगे । पेंशनर्स नेताओं ने आगे बताया की इस बारे में एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यसचिव, वित्त सचिव व निदेशक कोषागार से मिलकर इसपर पुनर्विचार की मांग करेंगे जो अधिक उम्र व बीमार चल रहे ताकि उन्हें राहत मिल सके । संघर्ष समिति ने 1जनवरी 2016से पूर्ब पेंशनर्स को वित्तीय देनदारियां अदा करने पर मुख्य मंत्री का आभार प्रकट किया । पेंशनर्स नेताओं ने कहा कि मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुकखू को हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के साथ किये गए वायदे को शीघ्र पूरा करना चाहिए जिसमें उन्होंने शिष्टमण्डल को आश्वासन दिया था कि जुलाई माह में 1जनवरी 2016 व 31जनवरी 2022के मध्य सेवानिवृत्त पेंशनर्स के लिए लीव इन कैशमेंट, ग्रेजुइटी व कॉम्युटेशन देने की बात की थी इसकी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाये । इसी प्रकार शिक्षा विभाग के पेंशनर्स के लिए चिकित्सा बिलों के लिए धनराशि भी शीघ्र जारी की जाये ताकि बहुत लम्बे समय से पेंडिंग बिलों का भुगतान हो सके ।

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