शिमला पुलिस के नशे और नशा तस्करों को नेस्तनाबूद करने के संकल्प के आए बेहतरीन परिणाम, शिमला पुलिस ने रखा इस वर्ष 9 अक्तूबर तक का लेखाजोखा
वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को अधिक संगठित, लक्ष्य-आधारित और नेटवर्क-केंद्रित स्वरूप दिया है। कार्रवाई का फोकस केवल मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए नशे की सप्लाई चेन के स्रोत तक पहुंचने, मुख्य सप्लायरों एवं सरगनाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने, तस्करों के आर्थिक आधार पर प्रहार करने तथा आदतन तस्करों के विरुद्ध निवारक कानूनों के प्रभावी उपयोग पर रहा है।
- NDPS मामले एवं गिरफ्तारियाँ
दिनांक 09 अक्टूबर 2026 तक शिमला पुलिस द्वारा NDPS Act के अंतर्गत कुल 271 मामले दर्ज किए गए हैं तथा 549 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।दर्ज मामलों में 22 वाणिज्यिक मात्रा तथा 177 मध्यवर्ती मात्रा के मामले शामिल हैं।
- Backward Linkage एवं मुख्य सप्लायरों के विरुद्ध कार्रवाई
वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने Backward Linkages के माध्यम से 80 मुख्य सप्लायर्स को गिरफ्तार किया गया तुलनात्मक रूप से वर्ष 2025 में 8 तथा वर्ष 2024 में 14 Backward Linkages दर्ज किए गए थे। इस प्रकार वर्ष 2026 में पिछले दोनों वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।जो पिछले तीन सालों की कुल गिरफ्तारियों से भी ज्यादा है।
वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस द्वारा 61 ड्रग सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में 4 तथा वर्ष 2024 में 3 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। इस प्रकार वर्ष 2026 में नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई में उल्लेखनीय तेजी आई है।
Backward Linkage आधारित जांच के माध्यम से शिमला में सक्रिय तस्करों के पीछे मौजूद सप्लायरों और संगठित नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इससे नशा तस्करी के मामलों में जांच को स्थानीय स्तर से आगे बढ़ाकर सप्लाई के स्रोत तक ले जाना संभव हुआ है।
- मादक पदार्थों की प्रमुख बरामदगियां
दिनांक 09 अक्टूबर 2026 तक शिमला पुलिस द्वारा विभिन्न NDPS मामलों में निम्नलिखित मादक पदार्थ एवं अन्य सामग्री बरामद की गई है: हेरोइन/चिट्टा: 5.04 किलोग्राम,
Meth Crystal: लगभग 58.5 ग्राम;
वाणिज्यिक मात्रा में LSD
चरस: लगभग 15.5 किलोग्राम;
अफीम: लगभग 14 किलोग्राम;
पॉपी स्ट्रॉ: लगभग 5 किलोग्राम;
कैनाबिस (भांग) के पौधे: 10,00,000;
अफीम/पोस्ता के पौधे: लगभग 6,000;
इत्यादी।
हेरोइन/चिट्टा की एग्रेसिव बरामदगी के लिए किए गए प्रयासों के चलते वर्ष 2026 में सबसे ज्यादा 5.04 किलोग्राम चिट्ठा बरामद किया गया, जबकि वर्ष 2025 में यह लगभग 1.5 किलोग्राम तथा वर्ष 2024 में लगभग 2 किलोग्राम थी। इस प्रकार हेरोइन/चिट्टा की बरामदगी में पिछले दोनों वर्षों की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है।
- नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध कार्रवाई
नशा तस्करी के आर्थिक आधार पर प्रहार करने के लिए शिमला पुलिस द्वारा Financial Investigation को प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026 में अब तक 12 NDPS मामलों में वित्तीय जांच की गई है तथा नशा तस्करी से अर्जित ₹12.61 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त/फ्रीज की गई हैं।
तुलनात्मक रूप से वर्ष 2024 एवं 2025 में इस प्रकार की वित्तीय जांच और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई ही नहीं की गई थी।
इस प्रकार वर्ष 2026 में नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान तथा उनके आर्थिक आधार को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।
- आदतन नशा तस्करों के विरुद्ध PITNDPS Act के तहत कार्रवाई
आदतन नशा तस्करों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 में अब तक 40 तस्करों को PITNDPS Act के तहत निरुद्ध किया गया है। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में 3 तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी, जबकि वर्ष 2024 में इस अधिनियम के तहत कोई निरुद्धीकरण नहीं हुआ था।
वर्ष 2026 में इस अधिनियम का प्रभावी उपयोग आदतन नशा तस्करों को निवारक रूप से रोकने तथा उनके द्वारा बार-बार किए जाने वाले अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- अवैध कब्जों एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई
नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के अवैध ठिकानों को पहली बार चिन्हित कर संबंधित विभागों के समन्वय से उनको डिस्मेंटल करवाया जा रहा है।
इसी क्रम में FIR No. 166, धारा 18 NDPS Act, पुलिस थाना रोहड़ू के तहत 108 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार आरोपी अर्जुन पाल से संबंधित जांच में पाया गया कि उसने पटसारी क्षेत्र में PWD की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर अस्थायी ढाबा/रेस्टोरेंट बनाया था। संबंधित विभाग द्वारा पुलिस बल की सहायता से उक्त अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया।
यह कार्रवाई शिमला जिला में पहलीबार अमल में लाई गई है जो नशा तस्करी से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध एक एग्रेसिव और मजबूत कार्यवाही करने की रणनीति का हिस्सा है। वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में ऐसी कार्यवाहियां की ही नहीं हैं।
शिमला पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई के स्रोत को समाप्त करना, इस अवैध कारोबार के आर्थिक आधार को तोड़ना और इसके पूरे नेटवर्क को निष्क्रिय करना है। नशे के विरुद्ध यह कार्रवाई कठोरता, निरंतरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे भी जारी रहेगी।
