पत्रकारिता के बाद पॉलिटिक्स और अब पंचायत का प्रतिनिधित्व की तरफ बढ़ते तोमर के कदम,लोग बिठा रहे हैं सर आँखों पर, जन सेवा को बताया जीवन का सबसे बड़ा मकसद
ज़िला सिरमौर के आंजभोज क्षेत्र की ग्राम पंचायत टोंरू-डांडा-आंज में पंचायत चुनावों को लेकर माहौल गर्माने लगा है। इस बार चुनावी मैदान में वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी जी एस तोमर के उतरने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे जी एस तोमर अब जनसेवा के उद्देश्य से सीधे पंचायत राजनीति में अपनी भूमिका निभाने जा रहे हैं।
ग्राम टोंरू निवासी जी एस तोमर ने अपने पत्रकारिता जीवन में हिमाचल प्रदेश की राजनीति और प्रशासन को करीब से देखा और समझा है।
उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों वीरभद्र सिंह, प्रेम कुमार धूमल, जयराम ठाकुर तथा वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के इंटरव्यू कर उनकी कार्य करने के तरीके को करीब से देखा और समझा है। पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने वर्षों तक जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
अब पंचायत चुनाव में उनके उतरने को लोग एक सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जी एस तोमर की साफ छवि, अनुभव और समाज के प्रति जिम्मेदार सोच पंचायत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ग्रामीणों का मानना है कि शिक्षा, सड़क, पेयजल, युवाओं के लिए खेल सुविधाएं और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर उनकी समझ पंचायत को नई दिशा दे सकती है।
चुनाव मैदान में उतरने के बाद जी एस तोमर लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं और पंचायत के समग्र विकास को अपनी प्राथमिकता बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जनभागीदारी और विकास कार्यों को मजबूती देना उनका मुख्य उद्देश्य रहेगा।
आंजभोज क्षेत्र में इस चुनाव को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि अनुभवी और शिक्षित व्यक्तित्व के राजनीति में आने से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
ग्राम पंचायत टोंरू-डांडा-आंज में इस बार का चुनाव दिलचस्प माना जा रहा है और क्षेत्रवासियों की नजरें अब चुनावी मुकाबले पर टिकी हुई हैं। जी एस तोमर के भीतर समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा उन्हें शहर से वापिस अपनी जन्मभूमि की तरफ खींच कर ले गया । तोमर पत्रकारिता में रहते हुए हमेशा अपने क्षेत्र के विकास को लेकर चिंतित और संजीदा रहते थे । राजनीति में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें बेहद महत्वपूर्ण औहदा देकर पार्टी का प्रदेश प्रवक्ता बनाया जिसे उन्होंने बखूबी निभाया । बाकी लोग जहां सत्तासीन पार्टी में सत्ता का सुख भोगने की लालसा में अपनी ऊंची पहुंच का इस्तेमाल किसी पद को पाने के लिए करते हैं उसके विपरीत तोमर ने बिना लोलुपता के गांव का रुख किया और लोकतन्त्र की सबसे छोटी इकाई को समाज व जन सेवा का रास्ता चुना । जी एस तोमर के चुनावी मैदान में उतरने से पंचायत के लोगों की आंखों में अनायास ही क्षेत्र के विकास की चमक साफ नजर आ रही है और अब देखना ये होगा अपनी नई पारी की शुरुआत में तोमर को कितनी सफलता मिलती है ।
