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मुख्यमंत्री ने हिम सुरक्षा अभियान का शुभारम्भ किया – प्रदेश में घर-घर जाकर टीबी, कुष्ठ, मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों के लक्षणों के बारे में सूचना की जाएगी एकत्र

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मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कोविड-19 महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘हिम सुरक्षा’ अभियान का शुभारम्भ किया। इस अभियान के तहत प्रदेश में घर-घर जाकर टीबी, कुष्ठ, मधुमेह, रक्तचाप आदि जैसी बीमारियों के लक्षणों के बारे में सूचना एकत्रित की जाएगी। यह अभियान 25 नवम्बर से 27 दिसम्बर, 2020 प्रदेशभर में तक चलाया जाएगा।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य, आयुर्वेद, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज विभाग, जिला प्रशासन और स्वयं सेवा संस्थाओं को शामिल कर लगभग 8000 टीमें होंगी, जो लोगों के स्वास्थ्य मापदण्डों के बारे मंे घर-घर जाकर सूचना एकत्रित करना सुनिश्चित करंेगी। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के लोगों से बीमारियों और स्वास्थ्य मापदण्डों के बारे में उचित जानकारी प्रदान कर स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत न केवल लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों को खोजा जाएगा बल्कि अन्य बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को भी सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2019 के तहत चलाए जा रहे टीबी मुक्त कार्यक्रम लागू करने वाला देश का उत्कृष्ट राज्य आंका गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि पिछले एक महीने में कोविड-19 रोगियों की मृत्यु दर में तीव्रता से वृद्धि हुई है परन्तु अभी भी स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आवश्यक दवाआंे, आॅक्सीजन सिलैण्डर और आईसोलेशन बैड जैसे आवश्यक उपकरणों की कोई कमी नही हैं। उन्होंने कहा कि इस महामारी के फैलने का प्रमुख कारण सामाजिक कारण और आम जनता द्वारा बर्ती गई ढील हो सकता है। उन्होंने प्रदेश के लोगों को इस महामारी के संक्रमण से बचने के लिए फेस मास्क के उपयोग और परस्पर दूरी बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिमला, मण्डी, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में 24 नवम्बर से 15 दिसम्बर, 2020 तक रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कफ्यू लगाने का निर्णय लिया है।यह निर्णय सामाजिक कार्यक्रमों जैसे विवाह आदि में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने से रोकने के लिए लिया गया है। प्रदेश सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों की कार्यालयों में उपस्थिति को 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर, 2020 तक 50 प्रतिशत कर्मचारी पहले तीन दिन व शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी अगले तीन दिन कार्यालय में उपस्थित रहेंगें। सरकार ने सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों को 31 दिसम्बर, 2020 तक बन्द करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि खुले स्थानों पर सभी सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, खेलों आदि समारोहों में सामाजिक नियमों के साथ केवल 200 लोगों के शामिल होने का निर्णय लिया है। सामाजिक स्थानों में फेस मास्क न पहनने पर 1000 रुपये जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये सभी निर्णय इस संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए लिए गए है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जागरूकता पोस्टर का भी विमोचन किया।

स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने लोगों से इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में रूचि लेने पर आभार व्यक्त किया।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने इस अभियान की मुख्य विशेषताओं से अवगत करवाया।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान के प्रबन्ध निदेशक डाॅ. निपुण जिंदल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डाॅ. रवि शर्मा, स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक बी.बी. कटोच भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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