बहुचर्चित इंजीनियर विमल नेगी प्रकरण में सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर भाजपा ने राज्य सरकार पर बोला हमला, सांसद हर्ष महाजन ने कहा- इससे कांग्रेस सरकार की खुल गई है कलई
कुछ महीनों पहले सामने आए इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले मे राज्य की कांग्रेस सरकार की हर तरफ खूब किरकिरी हुई थी । अब ऐब बार फिर एकाएक ये जीन बोतल से बाहर निकल आया है । भा0जपा के राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ नेता हर्ष महाजन ने विमल नेगी प्रकरण में सीबीआई द्वारा अदालत में दायर चार्जशीट को कांग्रेस सरकार के चेहरे से नकाब हटाने वाला दस्तावेज बताते हुए कहा कि अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है कि आखिर इस पूरे मामले में सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास कौन कर रहा था।
हर्ष महाजन ने कहा कि चार्जशीट में सामने आए तथ्य अत्यंत विस्फोटक और चौंकाने वाले हैं। फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने, आधिकारिक दस्तावेजों में कथित हेरफेर करने, अधिकारियों पर दबाव बनाने, नियमों को ताक पर रखने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे आरोप केवल प्रशासनिक गलती नहीं बल्कि सत्ता संरक्षण में चल रहे भ्रष्टाचार और संस्थागत षड्यंत्र की ओर संकेत करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को अब प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि आखिर किसके इशारे पर नियमों को दरकिनार किया गया? किसके दबाव में अधिकारियों को काम करने पर मजबूर किया गया? किसके संरक्षण में फाइलों और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हुई? और आखिर किन लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था को दांव पर लगाया गया?
महाजन ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि चार्जशीट में न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने और जांच को प्रभावित करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। यदि जांच एजेंसी के अनुसार साक्ष्यों को प्रभावित करने, रिकॉर्ड बदलने या जांच को भटकाने का प्रयास हुआ है तो यह केवल प्रशासनिक मामला नहीं बल्कि कानून और संविधान के खिलाफ अपराध है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पूरे मामले में शुरू से ही संदेह के घेरे में रही है। जब-जब विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई, तब-तब सरकार ने मामले को दबाने और ध्यान भटकाने का प्रयास किया। अब सीबीआई की चार्जशीट ने उन सभी आशंकाओं को और मजबूत कर दिया है जिन्हें भाजपा लगातार उठा रही थी।
हर्ष महाजन ने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि आखिर एक ईमानदार अधिकारी किन परिस्थितियों में इतना मानसिक दबाव झेलने को मजबूर हुआ। यदि जांच एजेंसी यह संकेत दे रही है कि नियमों की अनदेखी कर कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई, तो इसके पीछे बैठे वास्तविक चेहरे भी जनता के सामने आने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल कुछ अधिकारियों को बलि का बकरा बनाकर इस मामले को दबाने की कोशिश नहीं चलने दी जाएगी। भाजपा मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण की हाई लेवल जांच करवाई जाए, जिसमें प्रशासनिक, राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच हो। जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
महाजन ने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा? क्या सरकार विभागीय कार्रवाई शुरू करेगी? या फिर हमेशा की तरह दोषियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जाएगा?
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल विमल नेगी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और सुशासन से जुड़ा हुआ है। यदि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार चुप रहती है तो यह माना जाएगा कि वह सच्चाई सामने आने से डर रही है।
हर्ष महाजन ने कहा कि भाजपा इस मामले को विधानसभा से लेकर जनता की अदालत तक उठाएगी। प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात करने वाले, दस्तावेजों में हेरफेर करने वाले और जांच को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए। जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक और लोकतांत्रिक हिसाब भी लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अब जवाब देने की स्थिति में नहीं बल्कि कटघरे में खड़ी है। प्रदेश की जनता सच्चाई जानना चाहती है और भाजपा सुनिश्चित करेगी कि इस पूरे प्रकरण की परत-दर-परत सच्चाई सामने आए और दोषियों को उनके किए की सजा मिले।
