हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर झूठे वायदे कर पेंशनरों को गुमराह करने के लगाए गम्भीर आरोप,आगामी विधानसभा चुनाव में नतीजे भुगतने की दी चेतावनी
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर पेंशनरों को गुमराह करने और उनके साथ बार-बार झूठे वादे करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिमला से जारी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर, महासचिव इन्दर पाल शर्मा और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा कि सचिवालय में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के साथ बैठक कर सरकार ने पेंशनरों को विभाजित करने का जो प्रयास किया है, उसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा और 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
पेंशनर्स नेताओं ने आरोप लगाया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए लगभग 43 हजार पेंशनधारियों को संशोधित वित्तीय लाभों से पूरी तरह वंचित रखा गया है। इनमें लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, पे-एरियर और पेंशन एरियर जैसे मुख्य वित्तीय हक शामिल हैं। इसके अलावा, प्रदेश के लगभग 5 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों को लंबे समय से 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) का इंतजार है, जिसके लिए उन्हें बार-बार सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन और रैलियां करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
समिति ने 15 प्रतिशत और 30 प्रतिशत पेंशन एरियर से जुड़ी हालिया अधिसूचनाओं को केवल भ्रम फैलाने का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि सरकार हारे हुए, निष्कासित और तथाकथित ‘स्वयंभू’ नेताओं को ढाल बनाकर ‘फूट डालो और शासन करो’ की नीति अपना रही है, जो कभी कामयाब नहीं होगी।
नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार पेंशनरों के धैर्य की परीक्षा न ले। आने वाले दिनों में ब्लॉक और जिला स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर सरकार की नीतियों की असलियत जनता के सामने लाई जाएगी। पेंशनर्स नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी सभी देनदारियां पूरी नहीं हो जातीं, सरकार के खिलाफ उनका यह अभियान जारी रहेगा।
इस प्रेस वार्ता के दौरान गंगा राम शर्मा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), बुद्धि राम जस्टा (उपाध्यक्ष), सैन राम नेगी (मीडिया प्रभारी), लायक़ राम शर्मा (प्रेस सचिव), मोहन ठाकुर (संयोजक), मदन शर्मा, दीप राम शर्मा, गुलाब ठाकुर, नीलम चौहान, यशपाल ठाकुर और रमेश ठाकुर समेत कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।
