कोरोना के बढ़ते मामलों पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बोला हमला- कहा विकास की बजाय कोरोना संक्रमण में पहुंचा दिया शिखर पर

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि उच्चतम न्यायालय व प्रदेश उच्च न्यायालय की टिप्पणियों के बाद सरकार की कार्यप्रणाली की पोल खुल गई है।उन्होंने बढ़ते कोविड संक्रमण पर स्वास्थ्य मंत्री से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग की है।उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नारा दिया था प्रदेश शिखर की ओर।उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कोरोना शिखर पर आ गया है।पहाड़ो की रानी शिमला अब कोरोना की रानी बन कर रह गई है।
कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए राठौर ने प्रदेश सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तो प्रदेश उच्च न्यायालय के साथ साथ देश की सर्वोच्च अदालत ने भी प्रदेश सरकार से कोरोना के बढ़ते मामलों पर अपनी चिन्ता प्रकट की है।उन्होंने कहा कि सरकार इसके नियंत्रण पर पूरी तरह असफल हुई है।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने इस महामारी को लेकर पूरी तरह लापरवाही बरती।
राठौर ने कहा कि उन्होंने इस महामारी से प्रभावित कृषि,बागवानी,स्वास्थ्य, पर्यटन के साथ साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुधार के लिए एक विशेषयज्ञ समिति का गठन कर सरकार को इस मंदी से उभरने के लिए बहुत ही उपयोगी सुझाब दिए थे,पर उन सुझाबो पर सरकार ने कोई अमल नही किया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश में किसी की नही सुनते।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह की ही सुनते ही और उनके आदेशो को आंखे मूंद कर लागू करते है।
राठौर ने कहा उन्होंने स्वम् अस्पतालों के दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया।उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी मंत्री ने अस्पतालों को देखा तक नही।उन्होंने कहा कि यह सरकार आज भी इस महामारी के प्रति गम्भीर नही है।उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेसिंग के नाम पर कांग्रेस पर तो मुकदमे दर्ज किए जा रहे है भाजपा पर नही।सरकार के इसपर दोहरे नियम है।उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कथन पर हैरानी जताई है जिसमें उन्होंने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को विवाह व त्यौहार को बताया है।उन्होंने उनसे पूछा है कि शेष भारत मे क्या ऐसे समारोह नही हो रहे।