शिमला पुलिस ने शिमला से भागे दो नाबालिग बच्चे राजस्थान से सकुशल किए बरामद, घर से भागने की वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
गुमशुदगी के एक संवेदनशील मामले में शिमला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने लगातार प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते घर से लापता हुए दोनों नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली है।
🔹 डांट से नाराज होकर छोड़ा था घर
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों बच्चे अपने माता-पिता की डांट से नाराज हो गए थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने घर छोड़ने का आत्मघाती कदम उठाया।
इन बच्चों के घर से भाग जाने की वजह जानकर आप सब हैरान हो गए होंगे और हर मां बाप का हैरान होना स्वाभाविक भी है । स्कूल में शिक्षकों के हाथ और मुंह तो पहले ही बन्द कर दिए गए हैं । वे बच्चों की कितनी भी गलती पर न सजा दे सकते न डाँट डपट सकते जिससे बच्चे इतने नाज़ुक और संवेदनशील हो गए कि थोड़ी सी मुश्किल आने पर उनके हाथ पांव फूल जाते हैं ,धीरज और धैर्य सब सिफर । और यही कारण है कि बच्चों को गलती होने के बावजूद घर में भी डाँट नहीं सकते और ऐसे में मां, बाप और शिक्षक केवल ब्लैक मेल होकर रह गए हैं । मामूली सी डाँट पर या तो खुद को नुकसान कर देंगे या घर से भाग जाएंगे । इस तरह से बच्चे अगर ग़लत रास्ते पर चले जाएं तो उन्हें उनके अभिभावक कैसे सुधारे उनके सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही पैदा हो रहा है । बच्चों को इस बात की न तो औरवह है सुर न ही लिहाज कि उनके इस तरह के मूर्खता पूर्ण व्यवहार से उनके अभिभावकों पर क्या असर पड़ेगा । वे तो आज़ाद पंछी बनकर खुले आसमान में उड़ने को आतुर ये ये जाने बगैर कि आसमान में कितने संकट और मुश्किलें हैं ।
🔹 पंजाब से राजस्थान तक बदला ठिकाना
लापता होने के बाद बच्चों के सफर का घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा:
- पहला पड़ाव (पंजाब): घर से भागने के बाद दोनों बच्चे सबसे पहले पंजाब में रहने वाले अपने एक मित्र के पास पहुंचे।
- मीडिया रिपोर्ट से मची खलबली: पंजाब में रहते समय बच्चों को मीडिया और समाचारों के माध्यम से पता चला कि पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
- दूसरा पड़ाव (राजस्थान): पुलिस के डर से दोनों बच्चे अपने उसी मित्र के एक परिचित की मदद लेकर पंजाब से राजस्थान चले गए और वहां छिप गए।
🔹 तकनीकी जांच और अंतर-राज्यीय समन्वय से मिली सफलता
बच्चों की सुरक्षित वापसी में शिमला पुलिस की कार्यप्रणाली सराहनीय रही। पुलिस ने हार न मानते हुए लगातार तकनीकी जांच (Technical Investigation) का सहारा लिया और बच्चों के सुराग जुटाए। इसके साथ ही शिमला पुलिस ने पंजाब और राजस्थान पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। विभिन्न राज्यों की पुलिस के इसी आपसी सहयोग और शिमला पुलिस के कड़े प्रयासों के परिणामस्वरुप बच्चों को ढूंढ निकाला गया।
पुलिस की अपील: शिमला पुलिस ने बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद राहत जताई है, साथ ही अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करें ताकि बच्चे नाराजगी में ऐसा कोई कदम न उठाएं।
