कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसूता मंजू शर्मा की कथित चिकित्सीय लापरवाही के बाद हुई मृत्यु पर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रदेश की बदहाल चिकित्सा सुविधा पर राज्य सरकार पर बोला कड़ा हमला
मंडी संसदीय क्षेत्र की भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसूता मंजू शर्मा की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के बाद हुई मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की चरमराई हुई स्वास्थ्य व्यवस्था का अत्यंत गंभीर और दुखद उदाहरण है। उन्होंने दिवंगत मंजू शर्मा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष, समयबद्ध और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
कंगना रनौत ने कहा कि जिस प्रकार हजारों लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हुए हैं, वह प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। यदि स्वास्थ्य विभाग समय रहते पारदर्शी जांच करता और दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करता, तो जनता में इतना आक्रोश पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और उसमें कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश में पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से चिकित्सकीय लापरवाही, अव्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, उपकरणों की अनुपलब्धता तथा मरीजों को समय पर उपचार न मिलने की अनेक घटनाएं सामने आई हैं। कांग्रेस सरकार लगातार प्रदेश को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती रही है, लेकिन धरातल पर सरकारी अस्पतालों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है।




सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठकों में भी गंभीरता नहीं दिखाते, जहां हिमाचल प्रदेश के लिए स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का नेतृत्व ही स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं होगा तो प्रदेश की जनता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कैसे कर सकती है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री अपने असंवेदनशील बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। अर्की के एक अस्पताल में महिला की मृत्यु के बाद उनके बयान ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। ऐसे बयान न केवल पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को भी उजागर करते हैं। जनता एक संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था चाहती है, न कि गैर-जिम्मेदाराना बयान।
कंगना रनौत ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कुशासन का माहौल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के बजाय भ्रष्टाचार की चर्चाएं अधिक हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जल, थल और अन्य विभागों में लगातार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई कर रही है और प्रदेश के संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी और मंजू शर्मा के परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार किया जाए तथा प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए।
