नहीं रहे वरिष्ट अधिवक्ता व प्रख्यात समाजसेवी जी डी वर्मा, शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के उनके पैतृक गांव थाची सेरी में हुए अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री सहित अनेक गणमान्य लोगों ने दी अंतिम विदाई, सीएम सुख्खू ने बताया समाज के लिए बड़ी क्षति
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम दास वर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। घनश्याम दास वर्मा विधानसभा क्षेत्र शिमला ग्रामीण के थाची गांव के निवासी थे। क्षेत्र के विकास में उनका बड़ा योगदान रहा और समाजसेवा के कार्य में वे हमेशा तत्पर रहे । खासकर गरीबों और जरूरतमंदों के उत्थान में उनका अहम योगदान रहा । विधि क्षेत्र में जी डी वर्मा जी का पूरे प्रदेश में एक बड़ा नाम था विषेकर राजस्व सम्बन्धी मामलों में उनका कोई सानी नहीं था । राजनीति में भी उनकी अच्छी पकड़ थी और उन्होंने हिमाचल के दिग्गज राजनेता जय बिहारी लाल खाची के विरुद्ध चुनाव लड़ा और उन्हें कड़ी टक्कर दी थी । जी डी वर्मा का सौम्य स्वभाव उनके महान व्यक्तित्व का एक ऐसा पहलू था जो उन्हें अन्य लोगों से अलहदा करता था ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घनश्याम दास वर्मा का निधन न केवल विधि जगत के लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी अपूर्णीय क्षति है, जिन्हें उनके मार्गदर्शन में कार्य करने और उनके व्यक्तित्व को निकट से जानने का अवसर मिला। विधि के क्षेत्र में उनके योगदान के साथ-साथ उनका मार्गदर्शन और बहुमूल्य परामर्श लम्बे समय तक स्मरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री घनश्याम दास वर्मा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया, न्यायाधीशों, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, एडवोकेट जनरल अनूप रतन ने भी दिवंगत की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
